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विघ्नहर्ता की बिदाई

akhilesh Shrivastava 17 Sep 2024 कविताएँ धार्मिक गणपति बप्पा की विदाई 28263 0 Hindi :: हिंदी

*कविता*

        *विघ्नहर्ता की बिदाई*


चतुर्थी के दिन बप्पा 
को घर में लाए थे ‌
ढोल धमाके खूब बजे 
विघ्नहर्ता जब घर आये थे।।

बप्पा के आने से घर में 
रौनक आईं थी 
सबके मन मंदिर मे
ख़ूब खुशियां छाई थीं।।

सुबह शाम सब मिलकर 
घर में आरती गाते थे 
बप्पा के गुणगान 
सभी के मन को भाते थे।।

सीधे सरल हमारे गणपति 
सबको भाते हैं 
अमीर हो या कोई गरीब 
सबके घर आते हैं।।

प्रतिवर्ष बप्पा घर आकर 
खुशियां लाते हैं 
सबकी झोली भरकर 
बप्पा  खुश  हो जाते हैं ।।

हमको मिल-जुलकर 
रहने की सीख दे जाते हैं 
बप्पा दस दिन तक
घर घर में धूम मचाते हैं।।

चले विघ्नहर्ता घर से 
अब फिर से आएंगे 
देने हमें आशीष 
विनायक वापिस आएंगे।।


रचियता ---अखिलेश श्रीवास्तव एडवोकेट जय नगर जबलपुर

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