Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

सरकारी सौगात-उन से मिली न मुक्ति

संदीप कुमार सिंह 10 Jun 2023 गीत समाजिक मेरा यह गीत समाज हित में है। जिसे पढ़कर पाठक गण काफी लाभान्वित होंगें। 27554 0 Hindi :: हिंदी

दीनों तक पहुंची नहीं,उनकी जो है चाह।
खा जाते हैं बीच में, और दिखाए राह।।

दीनों तक पहुंची नहीं, सरकारी सौगात।
लोकल नेता खा गए,कहकर झूठी बात।।

दीनों तक पहुंची नहीं,सब साधन की युक्ति।
बड़े बड़े होते गए, उन से मिली न मुक्ति।।

दीनों तक पहुंची नहीं, जन जीवन को प्रीत।
अपने मन को कोसते,उनकी यह है रीत।।

दीनोंं तक पहुंची नहीं,सुमन खुशी  की आस।
दोषी किसको अब कहूं,लगते हैं उपहास।।
(स्वरचित मौलिक)
संदीप कुमार सिंह✍️
जिला:_समस्तीपुर(देवड़ा)
बिहार

Comments & Reviews

Post a comment

Login to post a comment!

Related Articles

पढता था मैं दिन रात किताबे, तो कभी किताबों में ज़िंदगी का अर्थ ढूँढा करता था पर जीना तो मुझे ज़िंदगी की किताबों ने सिखाया कोई मतलब नही थ� read more >>
चक्रधारी सुनो विष्णु जी ओ तुम मेरे मन को भाए.....2 तुम कृष्ण रूप में आए मां बाप का बढ़ाए तुम राम रूप में आए मां बाप के वचन निभाए चक्रधार� read more >>
ये खुदा बता तूने क्या सितम कर दिया मेरे दिल को तूने किसी के बस मैं कर दिया वो रहा तो नहीं एक पल भी आकर टुकडें- टुकड़ें कर दिये ना विश्वा read more >>
Join Us: