संदीप कुमार सिंह 22 Jun 2023 गीत प्यार-महोब्बत मेरा यह गीत समाज हित में है। जिसे पढ़कर पाठक गण काफी लाभान्वित होंगें। 27393 0 Hindi :: हिंदी
(दोहा छंद) नयनों से तूं शर चला,कर दे घायल जान। तुझ में ही हो ध्यान अब, मेरे तुम अभिमान।। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍🏼 जिला:_समस्तीपुर(देवड़ा)बिहार
I am a writer and social worker.Poems are most likeble for me....