Samar Singh 25 Jun 2023 गीत प्यार-महोब्बत अब मेरी मुहब्बत ऊपर वाले के हाथों है। 39099 0 Hindi :: हिंदी
मेरी मुहब्बत का, मेरा मौला ही मालिक है। तू ही साफ कर सकता है, तकदीर पे लगा जो कालिख है।। किस्मत की लकीरें, पल- पल मांगती हैं दुआ। सीधी- साधी जिंदगी भी, बन गई एक जुआ।। कसते हुए इस शिकंजे को, तू ही कर सकता ठीक है। मेरी मुहब्बत का, मेरा मौला ही मालिक है।। दिल जुड़ गया अनजान किसी से, बेचैनी है हरपल इसी से। दिल हर किसी का जाता है टूट, जब परवाने का प्यार भी हो जाता है झूठ। प्यार के आगे जमाना झुक गया है, सदियों की खींची गई यही लीक है। मेरी मुहब्बत का, मेरा मौला ही मालिक है।। रचनाकार-- समर सिंह " समीर G "