Poonam Mishra 28 Apr 2023 गीत समाजिक मन भाग रहा है 47290 0 Hindi :: हिंदी
अब मन भाग रहा है संसार की, माया जाल से !जाने क्यों ? अब तक रहा !इस संसार की माया में! उम्र के आखिरी पड़ाव पर न! जाने क्यों ?मन विचलित सा हो रहा , जिन रिश्तो की खातिर मैंने अपनी खुशियां छोड़ी , उन रिश्तो से ना जाने क्यों ? मेरा मोह भंग हो रहा ? ना जाने क्यों ? तरह-तरह के सवाल मन में , उठते हैं !इन सवालों जवाबों से मैं दूर होना चाहती हूं ! ना जाने क्यों ?अब मेरा मन! पहले जैसा ना रहा ! अब मन मेरा भाग रहा! संसार की माया जाल से! स्वरचित लेखिका पूनम मिश्रा