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माता किस को आज मना ना है-जला उम्मीद का एक दीप जरा

Raj Ashok 19 Jan 2024 गीत धार्मिक माता किस को 51984 0 Hindi :: हिंदी

ओ माता, किस कोआज मना ना है। 
 किस को आज मना है।.... 2
आया हूँ । तेरे चरणों  में , 
 झुकाने अपना शीश
क्या ?  खाली हाथ   वापस  जाना है। 
हो हो.... 
ओ माता किस को...... 
आ अम्बे किस..... 
अम्बे ,जरा तो देख ......
ओ माँ जग्दम्बे जरा तो.......
मेरे हाथो कि इन लकिरो  मे तुने क्या
कुछ लिखा है। 
क्या युही मेरी मुश्किलो का चलना सिलसिला    है।
आओ माता...... 
घरती से नजर नहीं आ रहैं ।
अब  सितारे, 
घना अन्घेरा है। मेरे जीवन की राहो मे
जला उम्मीद का एक दीप जरा। 
माता को

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