संदीप कुमार सिंह 22 Jun 2023 गीत समाजिक मेरा यह गीत समाज हित में है। जिसे पढ़कर पाठक गण काफी लाभान्वित होंगें। 27909 0 Hindi :: हिंदी
(रोला छंद) लब पर हो नव गीत,हृदय में उमंग रखिए। जीवन में संगीत, आप नित पथ पर चलिए।। चलना ही है जान, आयु हो तब ही ज्यादा। करें पूर्ण सब काम,करें अब दृढ़ यह वादा।। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍️ जिला:_समस्तीपुर(देवड़ा)बिहार
I am a writer and social worker.Poems are most likeble for me....