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क्यों ना प्रिय मैं तुम्हें पहचान पाए

Poonam Mishra 30 Apr 2023 गीत प्यार-महोब्बत क्यों ना प्रिय मैं तुम्हें पहचान पाए 25662 0 Hindi :: हिंदी

क्यों न प्रिय !मैं तुम्हें पहचान पाई
 क्यों ?मैं सब कुछ भूल बैठी !
एक तुम्हारी चाह में छोड़कर
 अपनों के संग आ गई मैं तुम्हारी राह में !क्यों? न प्रिय! मैं तुम्हें
 पहचान पाई !
क्यों !मैं रात भर चांद को देखकर
 तुमसे मिलने की सिफारिश! करती रही ?
देखकर सुबह की प्रथम किरण
 मन उदास होकर खुद को समझाने लगी
तुम बड़े निष्ठुर! निकले कर लिए
 मुझसे किनारा ?
छोड़कर मुझे ?राह में चल दिए
 तुम अपनी राह में 
क्यों ?न प्रिय! मैं तुम्हें पहचान पाई

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