संदीप कुमार सिंह 21 Jun 2023 गीत समाजिक मेरा यह गीत समाज हित में है। जिसे पढ़कर पाठक गण काफी लाभान्वित होंगें। 25610 0 Hindi :: हिंदी
(मुक्तक छंद)01 जीवन का सब कामना, पूरा कर लूं यार। आओ मिलकर बैठ कर, बातें कर दो चार। तुम्हारा कुछ मैं सुनूं, कुछ मेरा तुम लोग_ सुख दुख बांटू हम सभी, दुनिया हो गुलजार। 02 दुख के दिन में साथ दूं, सुख के तो सब दोस्त। मेरा यह है कामना,खिला रहे सब पोस्त। खुशियां आए झूम कर, रौनक अपने साथ_ लब पर माधव नाम हो, होते नहीं अनस्त। 03 आयु गुलजार हो सदा, दुख से मत हो भेंट। जीवन के हर मोड़ पर, बना रहूं हम सेंट। खुशबू मय अपना जहां, अपनो का हो साथ_ हस्ते हस्ते पथ कटे,मस्ती का हम बेंट। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍🏼 जिला:_समस्तीपुर(देवड़ा)बिहार
I am a writer and social worker.Poems are most likeble for me....