संदीप कुमार सिंह 28 Apr 2023 गीत प्यार-महोब्बत मेरा यह गीत समाजिक हित में है। जिसे पढ़कर पाठक गण काफी लाभान्वित होंगें। 45656 0 Hindi :: हिंदी
हमसफर मैं तेरे लिए, तूं मेरा है श्वास। जुदा जुदा न कभी रहूं,सदा रहूं हम पास। दीया बाती बन यहां,फैलाऊं नित ज्योति_ सबके आऊँ काम हम,बना रहूं तब खास। स्वरचित मौलिक संदीप कुमार सिंह✍🏼 जिला:_समस्तीपुर(देवड़ा) बिहार
I am a writer and social worker.Poems are most likeble for me....