धर्मपाल सावनेर 30 Mar 2023 गीत प्यार-महोब्बत गीत #गजल# शायरिया ,,# शायरना# अंदाज 43536 0 Hindi :: हिंदी
चांद तुम बनो रात में बनूंगा
रोशन जो तुम रहो तो में रोशन रहूंगा।।
दीप तुम बनो मकान में बनूंगा
रोशन जो तुम रहो तो में रोशन रहूंगा ।।
अपने गीतों में तेरा ही नाम लिखते है
तुमको शुबहा तुमको शाम लिखते है।।
मांगा है खुदा से जिसे मेने रात दिन
दुआओ का तुझको पारीणाम लिखते है।।
गीत तुम बनो साज में बनूंगा
लब्ज़ तुम बनो आवाज में बनूंगा ।।
चांद तुम बनो,,,,,,,,,,,,,
बिछड़े भी भले जरूर है तो क्या
धरती से आसमा दूर है तो क्या ।।
एक दूजे के साए मे रहे
मिलने से ये मजबूर है तो क्या ।।
जमी तुम बनो आकाश में बनूंगा
प्यासी तुम रहो बरसता में रहुंगा।।
चांद तुम बनो,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
श्याही के बिना कलम चल ना सके
हम तेरे बिना कुछ भी ना लिख सके ।।
बदलेंगे ना कभी ये वादा रहा
हवा बदल सके मौसम बदल सके।।
प्रपत्र तुम बनो में लेखनी बनूंगा
कहती तुम रहो लिखता में रहूंगा।।
चांद तुम बनो,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
धरम सिंग राजपूत
8109708044