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बेटी नाजुक लाडली-बाबुल के अरमान चली ब्याह कर

संदीप कुमार सिंह 22 Jun 2023 गीत समाजिक मेरा यह गीत समाज हित में है। जिसे पढ़कर पाठक गण काफी लाभान्वित होंगें। 41574 0 Hindi :: हिंदी

(दोहा छंद)
बेटी नाजुक लाडली,बाबुल के अरमान।
चली ब्याह कर संग पति, मुख पर मंगल गान।।
(स्वरचित मौलिक)
संदीप कुमार सिंह✍️
जिला:_समस्तीपुर(देवड़ा)बिहार

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