संदीप कुमार सिंह 23 Jun 2023 गीत समाजिक मेरा यह गीत समाज हित में है। जिसे पढ़कर पाठक गण काफी लाभान्वित होंगें। 39197 1 5 Hindi :: हिंदी
मुक्तक छंद "सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" आज रात है अति खुशी,होगा भव्य विवाह। हृदय मिलेंगे झूम कर,होगी नूतन चाह। खुशियों की बरसात से,महफिल में है जोश_ लड़की लड़का हैं सजे, सब मुख करते वाह।। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍️ जिला:_समस्तीपुर(देवड़ा)बिहार
2 years ago
I am a writer and social worker.Poems are most likeble for me....