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सहेलियां

Manasvi sadarangani 30 Mar 2023 कविताएँ समाजिक दोस्त और सहेलियां 73829 0 Hindi :: हिंदी

क्यों होती है ऐसी सहेलियां, 
जो मिलती नहीं है, पर मन से बिछड़ती भी नहीं ये सहेलियां,
बात करती नहीं ,पर हर बात में याद आती है सहेलियां,
सब अपने अपने कामो में सब व्यस्त है,
पर हर समय स्कूल कॉलेज के किस्से याद कर मुस्कुराती है सहेलियां ।
सुखो और दुखो से दूर कर, सिर्फ हसांती है सहेलियां ।
रिश्ते में तो नहीं पर हर रिश्ते से आगे होती है ये सहेलियां।
             श्रीमती मनस्वी सदारंगानी

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