न जाने वो दिन कब आयेगा,
जो जीवन का वसंत ऋतु कहलायेगा ।
न जाने वो दिन कब आयेगा,
जब कुछ आधे अधुरे खवाब पुरे हो जायेंगे।
न जाने वो दिन कब आये read more >>
साल के कुछ महीने बीत चुके थे |गर्मियों की छुट्टियों के बाद पुन: कॉलेज,स्कूल खुल रहे थे |रितिक बारहवी का छात्र है | सबसे सरल स्वभाव है किस� read more >>
प्यार से भी पवित्र रिश्ता दोस्ती का होता है | प्यार धोखा दे सकता है ,छोड़कर जा सकता है लेकिन दोस्त साथ निभाने वाला हो तो दोस्ती उम्र भर नि� read more >>
मुझे तलाश है मंजिल की |
मैं बढ़ता हुँ अपनी मंजिल की ओर ,
फिर मन में ख्याल आता है ,
बढ़ रहा हुँ जिसे पाने के लिए ,
वो मेरी मंजिल नहीं |
फिर मैं म� read more >>
व्यंग्य-कथा
उल्लू है जी!
बचपन में उल्लू का महिमामंडन करते हुए जब गुरुजी मुझे डांटा करते थे,‘‘उल्लू कहीं का!’’ तब पहली बार एहसा read more >>