(दोहा छंद)
मन वीणा के तार है, रखूं मध्य में साज।
गीत प्रेम का मैं सुनूं,कायम रहता राज।।
मन वीणा के तार सा, उड़े फिरे यह तेज।
रखता हूं सम्� read more >>
(एक हास्य कहानी)
बहुत पहले की बात है। एक गांव में एक परिवार के यहां सत्य नारायण पूजा का आयोजन रखा गया था। रात में पूजा होनी थी। दूर के दू� read more >>
(मुक्तक छंद)
हम तुम दोनो मिल गए प्यार का फूल खिल गया।
चारों तरफ अपने प्यार का पराग फैल गया।
और ये शाम_सुबह अपने प्यार के नाम हुआ_
अब तो य� read more >>
(मुक्तक छंद)
होना भी तो चाहिए,पड़ा जेब में नोट।
इच्छा सब ही पूर्ण हो, करूं खुशी से वोट।
फिर तो सबका साथ हो,मिलती विजय हजार_
देवलोक है तब � read more >>
(मुक्तक छंद)
हारे का हरि नाम है, मन को रखिए शांत।
धीरज रखना छोड़ मत,हरि तो हैं अतलांत।
होना नहीं निराश है, तृप्त करें हरि प्यास_
पूर्ण कर� read more >>