संदीप कुमार सिंह 26 Jun 2023 कविताएँ प्यार-महोब्बत मेरी यह कविता समाज हित में है। जिसे पढ़कर पाठक गण काफी रोमांचित होंगें। 30626 0 Hindi :: हिंदी
(मुक्तक छंद) तेरे रूप की बिजली से मेरे दिल में रोशनी हो गई। फिर तो हम तुम दोनों मिल गए प्यार की कली खूब खिल गई। तूं चांद पूनम का तूं कतरा शबनम का सुनहरी शाम है _ मेरी दुनिया में अब तो तेरे प्यार की चाँदनी हो गई। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍️ जिला:_समस्तीपुर(देवड़ा)बिहार
I am a writer and social worker.Poems are most likeble for me....