मन में है मधु प्यास,प्रगति की है नित आशा।
सब साधन हो पास,कभी आए न निराशा।
करता रहूं प्रयास,पार कर के सब बाधा_
पाऊँ सही मुकाम,बनूं मत कभी � read more >>
बहर:_2122,2122,2122,212
क़ाफिया:_पीर
रदीफ:_को
मिसरा:_क्या सुधा भी हर सकेगी आज मेरी पीर को
मैं चला हूं अब, सजाने फूल से तसवीर को।
टाल लूंगा श्रम, कड़ा read more >>
बहर:_2122,2122,2122,212
क़ाफिया:_पीर
रदीफ:_को
मिसरा:_क्या सुधा भी हर सकेगी आज मेरी पीर को
मैं चला हूं अब, सजाने फूल से तसवीर को।
टाल लूंगा श्रम, कड़ा read more >>