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Rambriksh Bahadurpuri

Rambriksh Bahadurpuri

Rambriksh Bahadurpuri

@ rambriksh
, Uttar Pradesh

I am Rambriksh Bahadurpuri,from Ambedkar Nagar UP I am a teacher I like to write poem and I wrote many poems to you

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कविता - यह चार दिन की चांदनी फिर, घनी अंधेरी रात। यह चार दिन की चांदनी फिर, घनी अंधेरी रात, हॅंसकर जीवन जी ले साथी,प्रेम से कर ले बात read more >>
कविता-आओ ! मन को जय-विजय करें! आओ ! मन को जय-विजय करें! सम्मान कीर्ति यश अजय धरें। हर हार- हार को जीत समझ, चल चार कदम ना कहीं read more >>
कविता -किसानों की उम्मीद प्रीति में चूक ना इनके अब, उम्मीद का दीप जले कब तक जीवन बरसे तरसे जीवन,नभ में ना मेघ घटे अब तक हे नाथ अनाथ करहु read more >>
समय मूल्यवान है समय की कीमत इसको व्यर्थ गवाओं ना समय समय पर डोले धरती समय पर सूरज चांद उगे समय स read more >>
दुपहरिया- पर कविता तमतमाती चमक लपलपाती लपक लू की गर्म हवाएं बहती दायें बायें छांव भी गर्म पांव भी नर्म जल उठते थे नंगे जब चल� read more >>
सिन्दूर पर कविता सिन्दूर के नाम पर क्यों? नारी बंध सी जाती है, अबला बन जाती है तड़प तड़प कर जिंदा ही, मर सी जाती है। सिन्दूर के लज्जा read more >>
स्वर्ग -कविता स्वर्ग कहीं ना और, बसा खुद के अंतर में खोज रहे दिन- रात जिसे हम उस अम्बर में सुख ही है वह स्वर्ग जिसे हम � read more >>
कविता -किसानों का दर्द देख कर फसलों की सूरत जीवित है कौन? टूटकर बिखरा है हृदय तन मन है मौन छींट कर बीजों को मैंने उम्� read more >>
कविता -मौन निमंत्रण मुझे क्या पता! वह सामने था लिए कुछ भाव भरा संदेश खड़ा, किंतु मैं पूछ पड़ा तुम कौन यहां ? क्या कर रहा है? भला , मुझस read more >>
कविता -त्याग निद्रा,जाग मुसाफिर। बीती रात ,हुआ सवेरा पक्षी कुल का, हुआ बसेरा कैसे लक्ष्य,तय होगा फिर त्याग निद्रा,जाग मुसा� read more >>

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