हम शराबियों का गम कोई क्या समझे ,
जो दुख झेले वही समझे
अच्छे खासे थे जिंदगी में,
जी रहे थे मजे में बोतल हमारी टूट गई अब तो हम जी रहे हैं स� read more >>
बहुत गम थे जिंदगी में हमने थोड़ी सी दारू जो पीली,
अरे थोड़े पैसे कम पड़ रहे थे तो उधारी की पीली,
जब घर लौटे इलाज करवा कर अपना तब बीवी चप्� read more >>