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Pravin Chaubey

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@ pravin-chaubey
, Maharashtra

I am the Restuarant Purchase Manager My hobby is writer

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My Articles

कभी कभी ये एहसास होता है मानो जैसे जिंदगी का हर एक लम्हा खास होता है किसी को कुछ पाने की चाह होती है तो किसी की जिंदगी इम्तहान लेती है read more >>
एक बचपन ही तो था जो बचपने में गया थोड़ी मस्ती में गया तो थोड़ी खुद को समझने में गया जब हुए थोड़ा समझदार तो जिंदगी ने इम्तहान ले लिया कर� read more >>
एक कहानी है मेरी जो अधूरी रह गई करने बैठा था पूरा स्याही ही कम पड़ गई जेल पेन समझ के मैं लिखता गया वो चलती गई में लिखता गया वो चलती गई, कम read more >>
ये जिंदगी की रफ्तार है साहब ये तो अपने हिसाब से चलता रहेगा समय कैसा भी हो किसी का वो भी वक्त के साथ निकलता रहेगा अगर कुछ करना है तो वक्त � read more >>
ये किस्से ही तो है जो हम सुनाया करते हैं कुछ हकीकत होते है तो कुछ हम बनाया करते है कोई राजा रानी तो कई भूतो की कहानियां सुनाते है हम पे � read more >>
ये जिंदगी की रफ्तार है साहब ये तो अपने हिसाब से चलता रहेगा समय कैसा भी हो किसी का वो भी वक्त के साथ निकलता रहेगा अगर कुछ करना है तो वक्त � read more >>
बचपन के दिन अब वो याद आते है वो गलियां वो चौबारे अब हमे बुलाते है। मिट्टी के वो गुड्डा और गुड़िया जाने क्यों हम बनाते थे घर घर से मिट्ट� read more >>
ये जिम्मेदारियां ही तो है जो इंसान को वक्त के साथ चलना सीखा देती है हालात कैसा भी हो लड़खड़ाने के बाद सभलना सीखा देती है कोई गिरता हैं � read more >>
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