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Manisha Singh

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@ manisha-singh
, Uttar Pradesh

Hello! everyone I am a blogger, Hindi content writer you can visit to my blog which is "My precious हिंदी". Here you can find Articles completely n Hindi Language.

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My Articles

हमारा मिजाज़ अक्सर लोगो को पसंद नहीं आता..... अब उन्हें क्या बताये हम अपने बारे में, जनाब! हम तो बैगन की सब्ज़ी से है जो सबको कहाँ भाति है 😌 read more >>
तक़लीफो से घिरा... गुमसुम सा बैठा जो वो बूढ़ा व्यक्ति आँगन में आये नन्हे मेहमान को देखकर कुछ यूँ उछला के एक सीमा जो खींची थी उम्र.की उन द� read more >>
अभी कंहाँ लगे जनाब....? आप नापने यूँ, उड़ान को मेरी...🖤 ज़रा, कुछ देर और रुक जाते.... मैं ला रही हुँ ये आसमान भी ज़मीन पर क़ामयाबी को मेरी, फिरो अ� read more >>
एक गुमनाम सी सड़क पर खो गया था जो वो शख्स , आज भी वही गुम है, बैठा है! इस उम्मीद में के, कोई तो रुकेगा उसकी खातिर, जो उसे उस पार ले जायेगा इ� read more >>
आज से करीब दस साल पहले मैने एक किताब खरीदी थी चुटकुलों की, पर इस भाग दौड़ भरी ज़िंदगी ने मुझे उसके एक भी पन्ने को पढ़ने का मौका न दिया दौड़त read more >>
मुझे ख़ामोश रहना पसंद है क्योकि.... सुनते यहाँ सब, समझता कोई नहीं लोग तो बहुत है मेरे पास पर है मुसाफिर से, हमसफ़र सा कोई नही.... read more >>
तू है पर अब ढूँढ़ता नहीं मैं तुझे, मुझे पता है मेरे कदमो की तनिक भी आहट हुई तो भाग जायेगा तू फिर मुझसे दूर न जाने कौंन सी बात पर मेरी यू read more >>
खो जाती हूँ मैं कभी-कभी गुज़रे दिनों के ख्यालो में ... क्या होता अगर जी रहे होते हम आज भी अंग्रेजो के ज़माने में ... चाबुक खाते, धूल फ़ाख्ते � read more >>
"अरि ओ"...चल संभाले दामन अपना दाग तनिक न लगने पाये कुंठाओं से ग्रस्त मनुष्य तन को तेरे नोच न खाये गड़ी है आँखे आज अगर, तुझपे कुछ य� read more >>
दबी पड़ी है बाते बहुत सी जो कहनी चाही थी कभी सफाई में मैंने अपनी इक नाराज़गी थी जो कभी दिखाई ना दी तुझे आँखों में मेरी ख़ैर! कहते भी तो क्य� read more >>
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