Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

( मर्ज़ )

Vipin Bansal 24 Nov 2024 गीत दुःखद #marz 24973 0 Hindi :: हिंदी

ये ज़िंद‌गी बस दर्द है ! 
ये सांसे ही मर्ज़ हैं !! 
हमको देकर ज़िंदगी ! 
हमसे वसूला कर्ज़ है !! 
ये ज़िंद‌गी बस दर्द है !
ये सांसे ही मर्ज़ है !! 

चढ़ाके सूली फिर वसूली ! 
अजब तेरी ये तर्ज़ है !! 
गर्द ही गर्द बची यहाँ पे ! 
क्या अब भी बक़ाया कर्ज़ है !! 
ये ज़िंद‌गी बस दर्द है ! 
ये सांसे ही मर्ज़ हैं !! 

अपने लिए हम न जिए ! 
दुनिया बड़ी खुद‌गर्ज है !! 
हमने निभाए फ़र्ज़ सभी ! 
फिर भी बकाया दर्ज़ है !! 
ये ज़िंद‌गी बस दर्द है ! 
ये सांसे ही मर्ज़ हैं !! 

मौत है बस दवा मेरी ! 
तुझको क्या हर्ज है !! 
जख्मों की ग़रज़ है !
सुनले अब अर्ज़ है !!
ये ज़िंद‌गी बस दर्द है !
ये सांसे ही मर्ज़ हैं !! 

  विपिन बंसल

Comments & Reviews

Post a comment

Login to post a comment!

Related Articles

पढता था मैं दिन रात किताबे, तो कभी किताबों में ज़िंदगी का अर्थ ढूँढा करता था पर जीना तो मुझे ज़िंदगी की किताबों ने सिखाया कोई मतलब नही थ� read more >>
चक्रधारी सुनो विष्णु जी ओ तुम मेरे मन को भाए.....2 तुम कृष्ण रूप में आए मां बाप का बढ़ाए तुम राम रूप में आए मां बाप के वचन निभाए चक्रधार� read more >>
ये खुदा बता तूने क्या सितम कर दिया मेरे दिल को तूने किसी के बस मैं कर दिया वो रहा तो नहीं एक पल भी आकर टुकडें- टुकड़ें कर दिये ना विश्वा read more >>
Join Us: