कली को स्वतः स्वच्छंद,
ज़रा खिलने दो।
खुद को खुद से,
ज़रा मिलने दो।
जो जैसा है, वैसा,
ज़रा बनने दो।
मन को मन की,
ज़रा सुनने दो।
तोड़ो, मर� read more >>
नमस्ते दोस्तों 🙏🙏
दोस्तों ! आज की कहानी का शीर्षक है ....
" पवित्र मनोवृति " !
कहते हैं जिसकी सोच पवित्र हो वो अगर मजबूरी में गलत काम भी क� read more >>