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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
कोइ भी इंसान बुरा नही है शाहब बस तुम्हारे जरूरत के हिसाब से अच्छा और बुरा दिखाई दे रही है।
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
सब के साथ रहो पर जरूरत पर किसी को काम नही आओ यही सिख लोगों ने दे रखी है।
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
मैं वैसा ही हूं यार जैसा तुम सोंच रहे हो क्योंकि ये ज्ञान मुझे तुम लोगों से ही सिख रखा है।
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
ज्यादे तो पढ़ा लिखा नही हूं जो ज्ञानी बन जाऊं लेकिन एक बात सच है जो बात किताबों से नही सीखा है वो बात लोगों ने सीखा दी है झूठ बोलना।
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
अब लोग सच को ही झूठ समझ रहे है तो सच क्यों बोल रहे हो।क्योंकि सच बोल के तुम इतिहास तो नही बदल सकते लेकिन खुद को जरूर बदल दोगे।
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
अब लोग सच को ही झूठ समझ रहे है तो सच क्यों बोल रहे हो।क्योंकि सच बोल के तुम इतिहास तो नही बदल सकते लेकिन खुद को जरूर बदल दोगे।
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Paani ka ghada
शिक्षक वो है जो हर परिस्थिति में देता है ज्ञान समान विद्यार्थी, समान ज्ञान देता है , संविधान तो क्यों मारा उस बालक को जिसने पानी पीया घ
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जीविका
जीविका कभी इस धूल , धुएँ से एलर्जी थी मुझको रिज़्क़ की तलाश में सब सर-माथे लगा लिया. (रिज़्क़- जीविका )
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दो आँसू
दो आँसू तेरे दो आंसुओं ने मुझे खरीद लिया मगर में इतना मेहंगा नहीं था
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कर्म
कर्म से बदले तक़दीर। जैसे उड़ते बादल की, बदले राह समीर। कर्महीन नर का जग में, जीना है बेकार। अलि अलविदा कहेंगे, जब हो कंटीली बार। रात
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नींद और मैं
नींद और मैं मेले में छूट जायें किसी बच्चें से ऊंगली जैसे नींद हर रात मुझे ऐसे छोड जाती हैं
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न
एक पल जो न देखूं तुझे दिल को शुकून न मिलता मुझे। धन्यवाद
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