बुलंद ,शहर के दरवाजे पर एक चस्मदीद खड़ा होता है,।
कितनी खोखली है,।यह मिनारें,।
यहाँ नहीं पहुंचती ,इक हवा ,।जो आयी हो गरीबी के भेष में,।
म� read more >>
वैशाली एक समझदार और पढ़ी - लिखी लड़की थी , वह अपना graduation complete कर डॉक्टरी के Exam. की तैयारी में लग गई थी।कुछ दिन पहले ही उसके माता- पिता की एक कार read more >>
मन का हर कोना पुलकित हो जाता है
जब आँगन में मेघ रिमझिम मल्हार गाता है
यूँ तो इक बरस में बारह महीने होते है
लेकिन 'धरा' को केवल सावन का मह� read more >>