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मन करता फिर, एक बच्ची बन जाऊँ। कुछ हसींन यादों को , फिर बचपन में पाऊँ।। मेरा रूठना और माँ का मनाना, उन यादों में खो जाऊँ । और दौड़-दौड़ read more >>
***************************************** जीवन व्रतांत.... 💐श्री लालबहादुर शास्त्री💐 #प्रस्तुतकर्ता-सपनों का सौदागर......करण सिंह# ***************************************** ये कहानी है भ� read more >>
असत्य की हार तय है मानो, सत्य का पक्ष लेना है जागो। वीरता के पूजक बनो, लोभ, भीरुता, को अंतर्मन से त्यागो। ओझल दिखने वाले ये सब अंधियारे read more >>
कविता -मां को शीश नवाते हैं जिस मिट्टी की मूरति को, गढ़ गढ़ हमी बनाते हैं शाम सुबह भूखे प्यासे, उसको शीश झुकाते हैं सजा धजा कर खुद सुं read more >>
माँ की जगह इस दुनिया में कोई भी नहीं ले सकता माँ का दिल एक विशाल समुद्र की भाती होता है। जिसमे अच्छा बुरा सब अपने अन्दर समा लेने की शक्त� read more >>
न्यनों में स्वप्न, चाहत्त में निष्ठा, और ज्ञान में सम्मान रखे! है चलत्ता रहा ले प्रेम धरा का, संघर्ष दिप्त्त अभीमान रखे!! ज़ो read more >>
" महात्मा गाँधी " दो अक्टूबर जन्म दिवस है, दो अक्टूबर जन्म दिवस है, महात्मा गाँधी महान की, राष्ट्र पर्व भारत का यह दिन, राष्ट्र पर्� read more >>
साहब, सबकी पड़ती है पार। समय नहीं करता, किसी का इंतजार। वक़्त सब पर, करता है एतबार। जाते -जाते रह जाता, वही बनता सरदार। किसी के जाने से, read more >>
**************************************** प्रेरक कहानी* 👌*आत्मबोध* 💐प्रस्तुतकर्ता-सपनों का सौदागर.... करण सिंह💐 ***************************************** 👌 एक सिंहनी गर्भवती थी। वह छला read more >>
ना चाहते हुए भी तुम्हें ही चाहता है यह दिल बार-बार ना चाहते हुए भी तुम्हें ही लिखता है यह कलम बार-बार ना चाहते हुए भी सपनों में आते हो तुम read more >>
अब नए लोगों को जिंदगी में जोड़ने से डर लगता है किसी को बहुत ही करीब का कहने से डर लगता है बहुत समय लगता है किसी रिश्ते को दिल से जीने मे read more >>
देखते ही देखते वह धनवान सेठ की सारी धन उससे छीन ली जाती अब उसके पास भी कुछ नहीं था ।वो भी भिखारी बनकर यहां - वहां भीख मांग कर अपना गुजारा � read more >>
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