पतित को क्षमा कैसी |
पतन में अग्रसर जो हो,
क्षमा के योग्य हो न हो
क्षमा करने में पर एक बार,
न कोई हर्ज़ है ऐसी
पतित को क्षमा कैसी|
मगर जो ह� read more >>
इन लवपे आऐ नाम तेरा
यार तुही मरा प्यार वे,
मुप्त -सी अलफाज तू,
आवाज सून्ने में लगी तेरी,
आंखों में छिपा लू ,आईना बनालू पिया|
इन लवपे आऐ ना read more >>
इन लवपे आऐ नाम तेरा, पिया
यार तुही मेरा प्यार, वे
गुप्त -सी अलफाज तू,
आवाज सून्ने मैं लगी तेरी,
आंखों में छिपा लू ,आईना बनालू पिया|
इन लवप� read more >>
फटी झोपड़ी फटी केवाड़ फटी हुई छत के नीचे फटी हुई खाट पर सो रही थी मैं अपने मां के पास नेत्रहीन मेरी मां बोली लाडो ला पानी ,मैं झट खड़ी हो � read more >>
# मेरे जवान .....
करता हूं
तेरे जज्बे को
तहे दिल से
बारंबार सलाम ....
माय गॉड
सत श्री अकाल
जय श्री राम
मेरे जवान ....!
मुझे इससे कुछ ,
लेना-दे� read more >>
कहते है एक दूसरे का हमदर्द बनने से दर्द कहीं छुप जाता है मगर अमीरों की चार दीवारों में सिर्फ मैं होने से हम कहीं गुम हो जाता है और दर्द फ� read more >>