कविता - ( ग़ज़ब )
नेता जी की देखो !
क्या ग़ज़ब की बात !!
जीतने से पहले सेवक !
जीतते ही सरताज !!
नेता जी की देखो !
क्या ग़ज़ब की बात !!
याचक बनक read more >>
शाईरी- देश, प्रेम
दिनांक 30-11-2022,
(बिस्मिल्लाह हिररमा निररहिम)
या अल्लहा. हु या रैमान तूमारी बरकत से तीस कलाम हम सभी भारत वासियो पे करदो � read more >>
हम न आस्तिक है न नास्तिक
हम तो केवल वास्तविक हैं.....
जो अच्छा लगे उसका ग्रहण करो
जो बुरा लगे उसका त्याग करो....
फिर चाहे वो विचार हो,
कर्म ह read more >>