दिनाकरन,,,,-28-11-2022
मै भरज करता हूँ कि बिगडै हुनऐ आषिको के लिएर
ऐ आषिको यह आज, कल की आषकी मत करो ऐ आषिको यह आज कल की आषकी मत करो अगर करनी है ! तो read more >>
कविता - ( सरकारी योजना )
मुद्दतों बाद बनी !
बनते ही खोदना !
बाद का काम पहले !
पहले का बाद पर छोड़ना !
फिर नए सिरे से !
उन सड़कों को खोदना !
फिर श� read more >>