हे कृष्ण तू सत्य है परिशुद्ध है इसीलिए मेरी आत्मा का भगवान है ,हे कृष्ण तू न्यायाधीश है तू पारदर्शी है इसीलिए मेरे सर का तू ताज है ,हे कृ� read more >>
कर्म का विधान ऐसा है की हम जैसा करेंगे वसा ही हमे मिलेगा यह बात सच है और इस बात को वही समझ सकता जिसने जीवन को बड़ी बारिकी से समझा है मैने � read more >>
आदमी बना... है, शर्म बेशर्म
फूटी है किस्मत ना सच्चे कर्म|
दौलत के आगे प्यार भुलाए|
अपनों से रिश्ता पैसा छुड़ाए||1||
रिश्तेदारों को देख करत� read more >>
तेरे नाम पर बिती ये आधी जिंदगी
अब तो आजा वे,मुजपर छा जा वे
आजा वे आजा आजा आजा
तेरी हि परछाई हैं,,
कुच्छ ही दिन के है महमान
तेरी मेहरबानी � read more >>
कविता = ( सुख-दुख )
सुख-दुख सांसों के संग है !
यही ज़िंदगी के रंग हैं !
सुख ही सुख हो ज़िंदगी में !
सुख में कहाँ आनंद है !
दुखों की धूप में मी read more >>