दूसरों को धक्का देने वाले बहुत होते हैं, पर किसी को संभालने वाला कोई कोई होता है, किसी की जिंदगी को संवा dhakaर दे, बिगाड़ने वाला इंसान नहीं read more >>
*منقبت مرشد بر حق حضور معصوم ملت مفتی اعظم پیلی بھیت شریف*
زمانہ دیکھ لے رتبہ مرے معصوم ملت کا
ہے بجتا ہر طرف ڈنکا مرے معصوم ملت کا
خدا نے میرے مرشد کو ہے ایسا دبدبہ بخشا
بہت مشہور ہے ڈنڈا مرے � read more >>
गांव में बीते बचपन का , मुझे स्वप्न दिखाई देता है |
अपने गांव का वो प्यारा,मुझे द्रश्य दिखाई देता है ||
कांव -कांव कौवों की ,हमको सुबह सु� read more >>
(1). मेरे किरदार पे उसकी ऊगली न उठी होती
गर उसकी भी कोई बहन या बेटी होती
(2). ख़ुद्दारी गवां कर ता'अल्लुक निभाना
मुनासिब नहीं ख़ुद को इतना गि� read more >>