द्वितीय विश्व युद्ध के खत्म होने के बाद दुनिया दो गुटों में बंट गई । एक तरफ अमेरिका और दूसरी तरफ सोवियत संघ। 25 दिसंबर 1991 को सोवियत संघ 15 अ read more >>
कुछ नहीं बदला है
गर्दन बही है बस
जलाद बदला है
हम और आप बो ही है
बस एक और
तलबार बदला है
सब कुछ जस के तस है
बस हमारी गर्दनों को
जो काट सके
� read more >>
भाईयो ये वो दौर है जिसमे हम जैसे ना जाने कितने युवा नोकरी की चक्कर में धक्का खा रहे है मैने एक ऐसे इंसान से बातचीत की जो बीएड किए हुए है औ read more >>
मतदाता दिवस सब को हो बधाई ,
डा, अंबेडकर के कड़ी मेहनत रंग लाई ,
उस ने समानता सब को दिलाई ,
अपना मीर चुनने का अधिकार दिलाई ;
चुनों ऐसा मीर जो � read more >>
वतन में लोकतंत्र का राज है ;
छिपा कई राज़ हैंं ,
आ पड़ा चुनाव -
खड़ा अंचल के मीर ;
है पहलवान वीर ,
उम्मीदवार एक से एक बड़ा ;
यह पहलवान अपना ठप्पा read more >>
सजा के मंडी -
गद्दी पे बैठ कर ;
ढोंग रचा रहा पाखंडी ,
ले के सब से वोट -
आघात किया दे के -
सब को चोट ;
तू भूल गया -
अपना परिचय ,
जो भी है तू -
है अप� read more >>
//...महापुरुष...//
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समय का पहिया ,
कुछ ऐसे घुमा
लो आ गया ,
यह घोर कलयुग....!
बदला इसका रूप ,
दिखने लगा कुरूप
सफेदपोश नेता ही अब ,
बनने ल� read more >>