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लोकतंत्र का है उत्थान। 100% जब मतदान।। लोकतंत्र की ठोस नींव। मतदाता अकेला जीव।। वोट अपना है अमूल्य। इससे बढ़ ओर न तुल्य।। सोच समझकर क read more >>
द्वितीय विश्व युद्ध के खत्म होने के बाद दुनिया दो गुटों में बंट गई । एक तरफ अमेरिका और दूसरी तरफ सोवियत संघ। 25 दिसंबर 1991 को सोवियत संघ 15 अ read more >>
लोगों की मदद करो,लोगो पर राज नही क्योंकि राज करना एक बंधन है, और बंधन एक पीङा और पीङा देकर तुम महान नहीं बन सकते| read more >>
कुछ नहीं बदला है गर्दन बही है बस जलाद बदला है हम और आप बो ही है बस एक और तलबार बदला है सब कुछ जस के तस है बस हमारी गर्दनों को जो काट सके � read more >>
भाईयो ये वो दौर है जिसमे हम जैसे ना जाने कितने युवा नोकरी की चक्कर में धक्का खा रहे है मैने एक ऐसे इंसान से बातचीत की जो बीएड किए हुए है औ read more >>
मतदाता दिवस सब को हो बधाई , डा, अंबेडकर के कड़ी मेहनत रंग लाई , उस ने समानता सब को दिलाई , अपना मीर चुनने का अधिकार दिलाई ; चुनों ऐसा मीर जो � read more >>
अब ! आ गया है चुनावी रंग , सब पर छा गया है चुनावी रंग l नेताजी भी हो गए बेढ़ंग , मचा रहें हैं चारों तरफ हुड़दंग l ऐसा सब पर छाय� read more >>
वतन में लोकतंत्र का राज है ; छिपा कई राज़ हैंं , आ पड़ा चुनाव - खड़ा अंचल के मीर ; है पहलवान वीर , उम्मीदवार एक से एक बड़ा ; यह पहलवान अपना ठप्पा read more >>
सजा के मंडी - गद्दी पे बैठ कर ; ढोंग रचा रहा पाखंडी , ले के सब से वोट - आघात किया दे के - सब को चोट ; तू भूल गया - अपना परिचय , जो भी है तू - है अप� read more >>
ममता के दांव से कांग्रेस में छटपटाहट पश्चिमी बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी ने राष्ट्रवादी कांग्र� read more >>
//...महापुरुष...// ------------------ समय का पहिया , कुछ ऐसे घुमा लो आ गया , यह घोर कलयुग....! बदला इसका रूप , दिखने लगा कुरूप सफेदपोश नेता ही अब , बनने ल� read more >>
क्या कहूं कुछ कहते नही बनता वादे कुछ ऐसे होते है हमारी सरकारों के, कोशिश बहुत करते है बेचारे,पर इनसे निभाते नही बनता। क्या कहूं कुछ कह� read more >>
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