(मुक्तक छंद)
मिलने तुम आओ कभी,पिला नयन का जाम।
सावन की मधु रात में, हो जा मेरे नाम।
तुम मेरी हो प्रिय गजल,और मनोहर खास_
बनकर सावन की घटा,ब� read more >>
ज़िन्दगी में बिना मां के कुछ नहीं होता । दूर जाकर भी कोई खुश नहीं होता । ना जाने कितनों के उजड़े घरों को बना दिया मां ने। बिना मां के घर � read more >>
छोड़ बहाने की ये रस्म की तेरा क्या होगा
जो बीत रहा है उसे होने दें कर तो कुछ नही पाएगा
तकदीर की होनी को आज की फिक्र में कल का दिन बेकार न� read more >>