खुशिया भी मन को भाती ना
जब माँ की यादे आती ना
जब माँ अजल में सुलाती थी
वो बात भुलायी जाती ना
खुशिया भी मन को भाती ना
जब माँ की यादें आती � read more >>
जब से देखा तुझे जानू,
क्या हाले दिल कहूं।
सिवा तेरे कुछ सूझता ही नहीं,
अपना नाम तो बता_
अपने घर का पत्ता तो बता।
सोख हसीना तूं ,
बेख्याल � read more >>
न शौक, न श्रृंगार ,न इच्छा न चाह हो,
न दु:ख हो न दर्द हो,कठिन भले ही राह हो,
तेरे बिना रहना कैसा?भाये भला तनहाइयां?
बनकर सदा चलता रहूं ,अमिट � read more >>
आंसू एक ही होते हैं, दर्द सबका अलग अलग होता है,
कोई अपने के लिए रोता है,
कोई गैरों के लिए रोता है,
किसी का कोई खो जाता है,
किसी का कोई बिछड़ read more >>