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खामोश इसका मतलब यह नहीं डर गई- यह वक्त नहीं है बोलने का
खामोश हूं🙏 इसका मतलब यह🌹🌹 🌹नहीं डर गई💓🙏 यह वक्त 🌹✍️ नहीं है बोलने का🌹✍️ तुम समझ गई💯🌹 ज्योति यादव के कलम से ✍️✍️💓
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मेरे पापा मुझे अपना गुरुर समझते हैं
मुझे इस बात की चिंता♥️♥️ नहीं है कि 🌹🌹दुनिया हमारे लिए 🙏✍️🌹क्या सोचती है बल्कि इस ♥️🌹बात की खुशी है✍️🙏 की मेरे 🌹पापा मुझे🌹 �
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अपनों से हारना पसंद है-क्योंकि मुझे अपनों को हराना नहीं
अक्सर मैं अपनों 💓💝से हार जाती हूं✍️♥️ क्योंकि मुझे अपनों को हराना नहीं उनसे ❤️🌹 हारना पसंद है🙏 ♥️♥️् वैसे तो मेरे सामने पुरी
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प्रतियोगिता परीक्षा में सफलता के लिए तैयारी
प्रशासनिक सेवाओं में पदार्पण के इच्छुक युवाओं को यह प्रश्न बारंबार सालता रहता है कि स्नातक के बाद प्रतियोगिता परीक्षा में कामयाबी क�
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जो मुसीबतों से डर जाए -वह हम नहीं
हंसती🌹 हूं तो इसका मतलब यह नहीं ✍️✍️💓 कि हमें ❤️कोई ग़म नहीं बस जो मुसीबतों से 🌹 🙏🙏🙏 डर जाए वह हम नहीं 🌹🌹🌹 ज्योति यादव के कलम �
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मधुमक्खी -सुन्दरता का आभूषण है नतमस्तक मधुमक्खी
कलियों के मधु से लब चूमती मधुमक्खी, पुष्पों का अधीन वो रंगीन संगी मधुमक्खी। समझना मुश्किल है उसका यार बनना, मिठास भरी बातों में बेबा�
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कण कण मे है भगवान -आत्मा उसकी ज्योति निर्मल
कण कण में है भगवान कण कण में है भगवान, आत्मा उसकी ज्योति निर्मल। सर्वत्र व्याप्त वही है, नहीं कहीं भी अभिमान।। पुण्य पाप की गिनती नही
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प्रेम का रोकना इतना भारी पड़ा
प्रेम का रोकना इतना भारी पड़ा वो गजल बनके हमको दिखाएं पड़ा। साथ अब तक लगाए थे तुमको हमीं तुमसे अपनी जुदाई भी बताना पड़ा। गम ने इतने �
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राह आसमान समुद्र का सफ़र नहीं-दिल में हीं ख़ुदा मिलता यहीं
"राह चलना मुझे आता नहीं, आसमान में वो रहता नहीं"! "समुद्र में तैरना आता नहीं, दिल में हीं ख़ुदा मिलता यहीं"!! -मोती
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घाट-घाट का पानी पिया हूं-खामोशी में मौज करता हूं
"घाट-घाट का पानी पिया हूं, खामोशी में मौज करता हूं",,, "अब कुछ बाकी नहीं है, मंज़िले सफ़र बुलंद है"....!!!! -मोती
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यह दिल दरबार उसका-रचा रब ने
"यह जो चेहरा दिए- कई-कई रूप रब ने" "चेहरा ख़ुद का- छुपाया दिल तेरे रब ने" "तू खोजता फिरता- रब को कई-कई दर में" "यह दिल- दरबार उसका रचा रब न�
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तू समझा कहा हैं मेरी हसरतों को
मैं नाराज हु तेरी बातों से मैं परेशां हु तेरी आदतों से तू समझा कहा हैं मेरी हसरतों को मैं बेचैन हूँ तेरी जीने की उट पटांग वे फ़िक्र अं�
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