ये थी महान् वीरांगना मैना कुमारी ... 11 सितम्बर 1857 का दिन था जब बिठूर में एक पेड़ से बांध कर 13 वर्ष की लड़की को ब्रिटिश सेना ने जिंदा ही आग के read more >>
समय का क्या सहारा कब कहा किसका बदल जाए...
जो आज है यू बेघर कल कही महलों के राजा हो जाए...
जो मिले है आज आम मानस की तरह वो कल के देवता हो जाए...
स read more >>
एक समय था,
हम भी सबके लिए अच्छे थे...
किसी को कितना भी परेशान करे,
कोई बुरा नही मानता था,
क्योंकि तब हम बच्चे थे...
अचानक कब वक्त ने ली करव� read more >>
वो जिसे देखकर, एक नया एहसास हुआ।
बाहों में आया तो, दिल बाग बाग हुआ।।
आते ही जिसके एक पल, दुनिया ठहर गई।
कठोर आदमी में वात्सल्य की, नहर बह � read more >>
बांटने का सुख
पूरे चार महीने बाद वो शहर से कमाकर गाँव लौटा था। अम्मा उसे देखते ही चहकी...
"आ गया मेरा लाल! कितना दुबला हो गया है रे! खाली � read more >>