Madhur garg 12 Jun 2023 कविताएँ अन्य पापा का प्यार 45530 0 Hindi :: हिंदी
वो जिसे देखकर, एक नया एहसास हुआ। बाहों में आया तो, दिल बाग बाग हुआ।। आते ही जिसके एक पल, दुनिया ठहर गई। कठोर आदमी में वात्सल्य की, नहर बह गई।। उस ठिठुरती रात में, ना सो सका था मैं। सीने से लगा लाल को ,बैठा रहा था मैं।। टेढ़े चरण को देख जब मैं, सहम सा गया था। है इतने कष्ट इसको, उस वक्त ना पता था।। डॉक्टर ने किया ऐसा, देख मैं रो दिया था तब। जंघा से अंगूठे तक ,पलस्तर कर दिया था जब।। हर एक सप्ताह ,चिकित्सक के पास हम गए। बस डेढ़ माह बाद ,पैर ठीक हो गए।। बस डेढ़ माह बाद ,पैर ठीक हो गए।। घूम जाए ;ना ये चरण ,कुछ ऐसा किया है। ढाई वर्ष के लिए ,चरण बार जोड़ दिया है।। बस एक बार वो मुझे ,चलकर के दिखाए। है उस घड़ी का इंतजार, अब तो बस मुझे।। है उस घड़ी का इंतजार, अब तो बस मुझे।।