Rahul verma 30 Mar 2023 शायरी दुःखद किरदार/राहुल वर्मा /(नीर) 130159 0 Hindi :: हिंदी
नफरत है मुझे खुद के किरदार से;
वहम की कोई दवा नही होती,
वो कहती है कि मिट जाऊंगी तुझ पर;
पर झुर्रियां कभी जवां नही होती,
और जब चिल्लाती थी मेरी खामोशी;
सुलगते हुए चिरागों के सामने,
तो दीये बुझाकर कहती,
कि अंधेरे में कभी जुबाँ नही होती....!