Rahul verma 30 Mar 2023 शायरी अन्य गिर्दाब/ राहुल वर्मा / नीर 46138 0 Hindi :: हिंदी
मत दिखा मुझे ये तेरी शोहरत के पन्ने,
उन्ही पन्नो की किताब हूँ मैं,
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तू सूंघ रही है जिन महुआ के फूलो को,
उन्ही से बनी शराब हूँ मैं,
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और तुझे उड़ाना है तो उड़ा ले गर्द,
जब तक सो रहा है नीर...,
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क्यो कि जागने पर तो....
थार भी बह जाए; ऐसा गिर्दाब हूँ मैं..!