लो फिर उठा दी मैंने कलम लो फिर उठा ली मैंने कलम। जैसे घर के होते काम अनेक नहीं मन करता कि उठाऊं मैं कलम। ‌‌‌‌ लेकिन हो रहा जब जुर read more >>
मुखड़ा- ना लेके आया जग में ना लेकर जाना रे $
खाली हाथ आया जग मे खाली हाथ जाना रे -२ !
अंतरा -माता -पिता भाई -बहन माया के जाल रे $
बेटा -बेटी बह� read more >>
इक शब्द है जाम के नाम, जिसके संग खुशी मिले तमाम, जो इसका प्रेमी है उसको यह तो भाता है, जो इसका है दुश्मन उसको यह दुर भागाता है,जाने अंजाने � read more >>
""हाय में सलोनी !! आप अकेले ही जिम करने आते हो
💐सलोनी ने अपना परिचय देते हुए कहा
""हाय में जगत !! किसी के साथ आने पर एक्सरसाईज कम ओ read more >>
""हाय में सलोनी !! आप अकेले ही जिम करने आते हो
💐सलोनी ने अपना परिचय देते हुए कहा
""हाय में जगत !! किसी के साथ आने पर एक्सरसाईज कम ओ read more >>
“बहन मिल गयी ”
राजेश
एक लड़का था । उसका नाम मनिष था। वह अपने माँ बाप का इकलौता बच्चा था। जब वह लगभग तीन साल का था तो एक दिन रोए जा रहा � read more >>