अक्सर इस दुनिया में,
दो अनजाने किसी न किसी,
मोड़ पर मिल जाते हैं ।
फिर ऐसा कुछ अजीब हो जाता है,
नींद खो जाती है_
चैन गायब हो जाती है।
फिर � read more >>
कुछ टूट गया, कुछ फूट गया।
माटी का ,खिलौना रूठ गया।।
तन लूट रहा, मन मौन रहा।
छाती से वजन, सा छूट गया।।
न राम मिला ,न श्याम मिला ।
न जाने मैं read more >>
आज सुबह मैं अपने पापा के साथ बाज़ार से लौट कर आ रहा था कि तभी एक आदमी ने पास में आकर बाइक रोकी और पापा के पैरों पर गिर पड़ा-
-दद्दा राम राम।
-� read more >>
( अपने बचपन का अधिकांश भाग मैंने यह सोच कर निकाला कि भगवान ने मुझे बिना कुछ दिए ही भेज दिया । विद्यालय में सुनता था "तुम्हारे पास दिमा� read more >>