Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

तू चाहे तो रुख बदल दे आते हुए तूफ़ानो का-तू चाहे तो वो देश बदल दे जहाँ चले सिक्का बेईमानों का

Rahul verma 01 Nov 2023 कविताएँ समाजिक #yq neerstar trrahul verma 30192 0 Hindi :: हिंदी

क्षण भंगूर सा है ये मानुस,
दर्पण की तरह बिखर जाये,
मन मे ले जब दृढ- संकल्प,
हीरे की जैसे निखर जाये,

फिर भी ना जाने मुझे यहाँ,
भांति भांति के पात मिले,
बागवान की बगियां मे भी,
फूल दिन और रात खिले,

कुछ पत्तों मे जोश यहाँ,
संदेश उमंग का देते है,
कुछ पत्ते मुरझाकर् के,
सूख हवा मे उड़ते है,

कुछ फूलो को यहाँ प्यार से,
मन मर्जी के तोड़ा जाता,
कुछ फूलो का रुख़ यहा,
तूफ़ानो से भी ना मोडा जाता,

कुछ फूलो को मेने यहाँ पर,
मंदिर मे चढ़ते देखे है,
कुछ फूल हुए है ऐसे भी,
जिन्हे अर्थी पर चढ़ते देखे है,

क्यू हिम्मत को हारा है तू,
चल उठ तेरा मनोबल जगा,
चिपक गया तू निश्चित जगह पर,
चल उठ तेरा आलस भगा,

तू चाहे तो रूख बदल दे,
आते हुए तूफ़ानो का,
तू चाहे तो वो देश बदल दे,
जहाँ चले सिक्का बेईमानों का।
                        -राहुल वर्मा (नीर)

Comments & Reviews

Post a comment

Login to post a comment!

Related Articles

शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो प्राप्त कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, असम्भ� read more >>
शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, आसमा read more >>
इच्छा शक्ति 🥀🥀 शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिल� read more >>
Join Us: