Madhur garg 09 Oct 2024 कविताएँ अन्य 22981 0 Hindi :: हिंदी
आ ही गया वो दिन, जब तुम दौड़ने लगे हो । पांव ठीक हो गए है, अब तुम खेलने लगे हो । खुश होता है ये दिल, जब तुम खिलखिलाते हो । याद करके उस दिन को, आज भी मन रो जाता है । जब जब वो समय, मेरे सपनो में आता है । अब तो बस यही , कामना है मैरी । तुम ठीक हो अभी, तुम ठीक ही रहो सदा । तुम ठीक ही रहो सदा मेरे बेटे को समर्पित तुम ठीक ही रहो सदा। बेटा (ओम) बहुत बहुत प्यार आपको