संदीप कुमार सिंह 25 Jun 2023 कविताएँ प्यार-महोब्बत मेरी यह कविता समाज हित में है। जिसे पढ़कर पाठक गण काफी रोमांचित होंगें। 54995 1 5 Hindi :: हिंदी
(मुक्तक छंद) मेहबूब सनम तेरी कसम दीदार हुआ है जब से। मेरी नींद गई मेरा चैन गया प्यार हुआ तब से। सीने में छुपा के रखा हूं तुझको तो मैं ओ यारा_ बेचैन किया जब दिल ने मुझे तुझे मांग लिया रब से। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍️ जिला:_समतीपुर(देवड़ा)बिहार
I am a writer and social worker.Poems are most likeble for me....