संदीप कुमार सिंह 26 Jun 2023 कविताएँ समाजिक मेरी यह कविता समाज हित में है।जिसे पढ़कर पाठक गण काफी लाभान्वित होंगें। 36868 6 5 Hindi :: हिंदी
(मुक्तक छंद) हार जीत के दाव में, फसा जगत के लोग। मन से अथक प्रयास कर,पाते सुख का भोग। जीत सुनिश्चित कर चलें,रखें सत्य का ज्ञान_ खुशियों से जीवन चले, दूर रहे तब रोग। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍🏼 जिला:_समस्तीपुर(देवड़ा)बिहार
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I am a writer and social worker.Poems are most likeble for me....