Pragati Rai 30 Mar 2023 कविताएँ समाजिक सुंदर सा आशियाना 115096 0 Hindi :: हिंदी
चांद तारों पर आशियाना
सोच रही हूं इस तकलीफ से निकलकर कहीं दूर जाऊं।
अपने लिए चांद तारों पर एक आशियाना बनाऊ।।
उस आशियाने पर ईमानदारी के पेड़ लगाऊ।
अपने लिए एक प्यारा सा आशियाना बनाऊ।।
वहां से खुशियों का साया हो।
दुख तकलीफ से किसी का दूर तक ना नाता हो।।
जहां बातों में मिश्री सी बरसात हो
आंखों में आंसू नहीं, बस प्यार की बरसात हो।।
सोच रही हूं इस तकलीफ से निकलकर कहीं दूर जाऊं।
अपने लिए चांद तारों पर एक आशियाना बनाऊं।।
Name- Pragati Rai
Village - Raisa
Post- Kasara
Dis- Mau