आज कॉलेज गईं थी,
अपने क्लास में भी गई थी,
कुछ ख़ास तो बदला नहीं था,
दीवारे भी वही थी,
ईट भी वही थे,
पर फिर भी कुछ खाली खाली सा महसूस हो रह� read more >>
क्यो, भगवान आपका ये भेद भाव होता है,
कहीं कष्ट तो कहीं खुशी का मौसम होता है,
लोग कहते हैं, कि तू कण कण में होता है,
तो क्यो मंदिर और मस्ज� read more >>