वो कोई दरवेश या कलंदर है तो मैं क्या करूँ - मारूफ आलम

वो कोई दरवेश या कलंदर है तो मैं क्या करूँ     मारूफ आलम     ग़ज़ल     प्यार-महोब्बत     2022-08-14 17:14:07     #kalandar#darvesh#gajal#hindigajal     27104           

वो कोई दरवेश या कलंदर है तो मैं क्या करूँ

जितना बाहर उतना अंदर है तो मैं क्या
करूँ
वो अगर दरिया या समंदर है तो मैं क्या
करूँ

अपने मिज़ाज का मैं भी अड़ियल फकीर हूँ 
अपने मिज़ाज का वो सिकंदर है तो मैं
क्या करुं

मैं भी फरिश्ता हूँ बा वजू इबादत मे
रहता हूँ
वो कोई दरवेश या कलंदर है तो मैं क्या
करूँ

मै भी लावा हूँ अक्सर गुस्से मे फूट
पड़ता हूँ
वो अगर रास्तो का बवंडर है तो मैं क्या
करूँ

है दुनियां आबाद मेरी खुदा का करम
है'आलम'
वो बियाबान है या खंण्हर है तो मै क्या
करूँ
मारूफ आलम

Related Articles

आओ इस बार गले मिलकर होली मनाये
जितेन्द्र जय
आओ इसबार गले लगकर नही, दिल से मिलकर होली मनाएं। धर्म जाति और सम्प्रदाय के बन्धन से मुक्त हो, आपस मे भाई चारे और मन म
2488
Date:
14-08-2022
Time:
14:17
अब शौक नहीं है।
मनोज कुमार
बहुत मजे किए तेरे प्रेम में, करुणा का छाया पाया। हर दिन बिछड़ा दूर तलक, नहीं मै तेरा प्यार पाया। अभिलाषा नहीं अब ज
31767
Date:
14-08-2022
Time:
18:17
जिक्र - मैं भी कुछ कहूँ
Shashwat pathak
मैं भी कुछ कहूँ लिख दूँ किताब तेरें नाम की और हर पन्ने पर जिक्र तेरा करूँ।
41879
Date:
14-08-2022
Time:
15:32
Please login your account to post comment here!