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शांति गीत

मोती लाल साहु 12 Jun 2025 गीत बाल-साहित्य शांति- #peace- गीत- #carol- खोज- #explore- प्रेरणा- #motivation- शायरी- #poetry- आत्मज्ञान- #self knowledge- मोती- #Moti 12531 0 Hindi :: हिंदी

धन दौलत की ये दुनिया, 
कैसी मायाजाल है,
भीतर शांति है बैठी, 
तू क्यों बेहाल है?
खोजी जग में खुशियों को, 
पर वो मिलती नहीं,
अंतरमन में जो दौलत, 
वो क्यों दिखती नहीं?

रूप-रंग सब क्षणभंगुर, 
ये तन माटी का खेल,
प्रेम का सागर जो अंदर, 
उसकी अद्भुत रेल,
सुख की धारा बहती, 
हृदय के हर कोने में, 
आनंद की अमृत वर्षा, 
अपने ही होने में.

बाहर क्यों भटके रे राही, 
मंज़िल तेरे पास है,
चिर-इच्छित वो शांति, 
जो तुझमें ही खास है.
माया का पर्दा हटा दे, 
देख स्वयं को आज तू ,
दिल में जो बसे शांति, 
वही तेरा ताज है.

धन दौलत की ये दुनिया, 
कैसी मायाजाल है, 
भीतर शांति है बैठी, 
तू क्यों बेहाल है?
खोजी जग में खुशियों को, 
पर वो मिलती नहीं, 
अंतरमन में जो दौलत, 
वो क्यों दिखती नहीं?
-मोती

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